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एन.एल.पी. आधारित हिन्दी संज्ञा-विशेषण अर्थगत अभिलक्षण मॉडल
Subject area: Science,Engineering and Technology · Area of research: Natural Language Processing
DOI: https://doi.org/10.64388/IREV10I2-1722166
Abstract
प्राकृतिक भाषा संसाधन (Natural Language Processing: NLP) के क्षेत्र में हिन्दी जैसी रूपात्मक एवं अर्थगत रूप से समृद्ध भाषाओं के संगणकीय विश्लेषण का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। हिन्दी में संज्ञा एवं विशेषण वाक्य के अर्थ, संदर्भ तथा शब्दों के पारस्परिक संबंधों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उदाहरणार्थ, "बुद्धिमान छात्र" (/bʊd̪.d̪ʱɪˈmaːn t͡ʃʰaːt̪ɾə/) में "छात्र" मानववाचक संज्ञा तथा "बुद्धिमान" गुणसूचक विशेषण है, जबकि "लाल फूल" (/laːl pʰuːl/) में "फूल" वस्तुवाचक संज्ञा एवं "लाल" रंगसूचक विशेषण है। इस शोध में हिन्दी संज्ञा एवं विशेषणों के अर्थगत अभिलक्षणों (Semantic Features) की पहचान एवं वर्गीकरण के लिए नियम-आधारित एवं कॉर्पस-आधारित संगणकीय मॉडल प्रस्तावित किया गया है। मॉडल में पूर्व-प्रसंस्करण, टोकनकरण, पद-चिह्नन (POS Tagging), संज्ञा–विशेषण की पहचान तथा अर्थगत अभिलक्षणों—जैसे सजीवता, मानवता, वस्तुगतता, स्थान, रंग, आकार, गुण, मात्रा एवं अवस्था—का निष्कर्षण किया जाता है। तत्पश्चात इन अभिलक्षणों का सत्यापन एनोटेटेड हिन्दी कॉर्पस द्वारा किया जाता है, जिससे वर्गीकरण की शुद्धता एवं विश्वसनीयता में वृद्धि होती है। प्रस्तावित मॉडल हिन्दी के लिए Semantic Feature Ontology तथा Hindi Noun–Adjective Semantic Corpus के निर्माण की आधारभूत रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। यह मॉडल सूचना निष्कर्षण, प्रश्नोत्तर प्रणाली, यंत्र अनुवाद, पाठ सारांशण, ज्ञान ग्राफ तथा हिन्दी आधारित बड़े भाषा मॉडलों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यह शोध हिन्दी भाषा के अर्थगत संसाधनों के विकास तथा निम्न-संसाधन भारतीय भाषाओं के लिए उन्नत NLP अनुप्रयोगों की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान प्रस्तुत करता है।
Keywords
प्राकृतिक भाषा संसाधन (NLP), हिन्दी भाषा, संज्ञा, विशेषण, अर्थगत अभिलक्षण, अर्थविज्ञान, नियम-आधारित मॉडल, कॉर्पस-आधारित मॉडल, पद-चिह्नन (POS Tagging), संगणकीय भाषाविज्ञान।
How to cite this paper
@article{1722166,
author = {आलोक कुमार मिश्रा, उपेन्द्र कुमार, डॉ. अम्बरीश त्रिपाठी, गजानन्द सोनी, डॉ. इन्द्र कुमार पाण्डेय; डॉ. रमा सोनी},
title = {एन.एल.पी. आधारित हिन्दी संज्ञा-विशेषण अर्थगत अभिलक्षण मॉडल},
journal = {Iconic Research And Engineering Journals},
year = {2026},
volume = {10},
number = {2},
pages = {592-597},
issn = {2456-8880},
url = {https://www.irejournals.com/formatedpaper/1722166.pdf},
abstract = {प्राकृतिक भाषा संसाधन (Natural Language Processing: NLP) के क्षेत्र में हिन्दी जैसी रूपात्मक एवं अर्थगत रूप से समृद्ध भाषाओं के संगणकीय विश्लेषण का महत्व निरंतर बढ़ रहा है। हिन्दी में संज्ञा एवं विशेषण वाक्य के अर्थ, संदर्भ तथा शब्दों के पारस्परिक संबंधों को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उदाहरणार्थ, "बुद्धिमान छात्र" (/bʊd̪.d̪ʱɪˈmaːn t͡ʃʰaːt̪ɾə/) में "छात्र" मानववाचक संज्ञा तथा "बुद्धिमान" गुणसूचक विशेषण है, जबकि "लाल फूल" (/laːl pʰuːl/) में "फूल" वस्तुवाचक संज्ञा एवं "लाल" रंगसूचक विशेषण है। इस शोध में हिन्दी संज्ञा एवं विशेषणों के अर्थगत अभिलक्षणों (Semantic Features) की पहचान एवं वर्गीकरण के लिए नियम-आधारित एवं कॉर्पस-आधारित संगणकीय मॉडल प्रस्तावित किया गया है। मॉडल में पूर्व-प्रसंस्करण, टोकनकरण, पद-चिह्नन (POS Tagging), संज्ञा–विशेषण की पहचान तथा अर्थगत अभिलक्षणों—जैसे सजीवता, मानवता, वस्तुगतता, स्थान, रंग, आकार, गुण, मात्रा एवं अवस्था—का निष्कर्षण किया जाता है। तत्पश्चात इन अभिलक्षणों का सत्यापन एनोटेटेड हिन्दी कॉर्पस द्वारा किया जाता है, जिससे वर्गीकरण की शुद्धता एवं विश्वसनीयता में वृद्धि होती है। प्रस्तावित मॉडल हिन्दी के लिए Semantic Feature Ontology तथा Hindi Noun–Adjective Semantic Corpus के निर्माण की आधारभूत रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। यह मॉडल सूचना निष्कर्षण, प्रश्नोत्तर प्रणाली, यंत्र अनुवाद, पाठ सारांशण, ज्ञान ग्राफ तथा हिन्दी आधारित बड़े भाषा मॉडलों के विकास में उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यह शोध हिन्दी भाषा के अर्थगत संसाधनों के विकास तथा निम्न-संसाधन भारतीय भाषाओं के लिए उन्नत NLP अनुप्रयोगों की दिशा में एक महत्वपूर्ण योगदान प्रस्तुत करता है।},
keywords = {प्राकृतिक भाषा संसाधन (NLP), हिन्दी भाषा, संज्ञा, विशेषण, अर्थगत अभिलक्षण, अर्थविज्ञान, नियम-आधारित मॉडल, कॉर्पस-आधारित मॉडल, पद-चिह्नन (POS Tagging), संगणकीय भाषाविज्ञान।},
month = {August},
doi = {https://doi.org/10.64388/IREV10I2-1722166}
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