Current Volume 9
सार्वजनिक वितरण प्रणाली भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को खाद्यान्न एवं आवश्यक उपभोक्ता वस्तुएँ सुलभ मूल्य पर उपलब्ध कराना है। बिहार जैसे आर्थिक एवं सामाजिक दृष्टि से पिछड़े राज्य में यह प्रणाली खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रस्तुत शोध-पत्र में बिहार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वर्तमान स्थिति, कार्यप्रणाली, चुनौतियों तथा सुधारात्मक प्रयासों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन में द्वितीयक स्रोतों जैसे सरकारी रिपोर्ट, शोध-पत्र, पत्रिकाएँ, जनगणना आँकड़े तथा नीति आयोग एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की रिपोर्टों का उपयोग किया गया है। अध्ययन से ज्ञात होता है कि बिहार में पीडीएस के अंतर्गत लाभार्थियों तक खाद्यान्न पहुँचाने में अनेक सकारात्मक सुधार हुए हैं, जैसे डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस मशीनों का उपयोग तथा वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का क्रियान्वयन। इसके बावजूद भ्रष्टाचार, अपात्र लाभार्थियों का समावेशन, पात्र परिवारों का बहिष्करण, वितरण में अनियमितता तथा तकनीकी समस्याएँ अभी भी प्रमुख चुनौतियाँ बनी हुई हैं। अध्ययन में सुझाव दिया गया है कि पारदर्शिता, सामाजिक अंकेक्षण, जन-जागरूकता तथा तकनीकी दक्षता को बढ़ाकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली, खाद्य सुरक्षा, बिहार, राशन व्यवस्था, गरीबी, NFSA, डिजिटलीकरण, खाद्यान्न वितरण
IRE Journals:
डॉ. नन्दन कुमारी झा "बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वर्तमान दशा : एक समालोचनात्मक अध्ययन" Iconic Research And Engineering Journals Volume 8 Issue 3 2024 Page 1172-1178 https://doi.org/10.64388/IREV8I3-1718219
IEEE:
डॉ. नन्दन कुमारी झा
"बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की वर्तमान दशा : एक समालोचनात्मक अध्ययन" Iconic Research And Engineering Journals, 8(3) https://doi.org/10.64388/IREV8I3-1718219