International Peer-Reviewed JournalOpen AccessISSN 2456-8880
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1719026PublishedVol 9 · Issue 12

Evolution of Advertising

Saijal Goel Mayank Saini Rajnikant

Subject area: Arts, Social Sciences and Humanities  ·  Area of research: Arts

DOI: https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719026

Abstract

इस शोध कार्य के माध्यम से हम विज्ञापनों के उस अनोखे सफर को करीब से देखते है जिसने बदलते वक्त के साथ खुद को पूरी तरह से नया रूप दे दिया है। विज्ञापन का यह क्रमिक विकास (Evolution) सिर्फ बाज़ार की किसी तकनीक का बदलना नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की बदलती सोच और व्यवहार की एक कहानी है। कहाँ कभी विज्ञापन पत्थरों की नक्काशी या बाजारों में ढोल बजाकर दी जाने वाली 'मुनादी' तक सीमित थे, और आज वे हमारे स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और AI की डिजिटल दुनिया में इस कदर रच-बस गए हैं कि हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुके हैं। यह अध्ययन इसी बात पर रोशनी डालता है कि कैसे तकनीक के साथ-साथ विज्ञापन के कहने का अंदाज़ और उसे पेश करने की कला बदली है। अंत में, यह कार्य विज्ञापन की उस रचनात्मकता (Creativity) और टेक्नोलॉजी के अद्भुत मेल को सामने लाता है, जो व्यापार के साथ साथ, हमारे सोचने और समाज को देखने के नज़रिए को भी एक नई दिशा दे रहे हैं।

Keywords

विज्ञापन, जनसंचार, सोशल मीडिया मार्केटिंग, मानवीय दृष्टिकोण

How to cite this paper

Saijal Goel , Mayank Saini, Rajnikant "Evolution of Advertising" Iconic Research And Engineering Journals Volume 9 Issue 12 2026 Page 1939-1943 https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719026
Saijal Goel , Mayank Saini, Rajnikant "Evolution of Advertising" Iconic Research And Engineering Journals, vol. 9, no. 12, Jun. 2026, doi: https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719026
Saijal Goel , Mayank Saini, Rajnikant (2026). Evolution of Advertising. Iconic Research And Engineering Journals, 9(12). doi: https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719026
Saijal Goel , Mayank Saini, Rajnikant "Evolution of Advertising" Iconic Research And Engineering Journals, vol. 9, no. 12, Jun. 2026. Crossref, https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719026
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