International Peer-Reviewed JournalOpen AccessISSN 2456-8880
irejournals@gmail.com+91-7433024337

Home / Current Issue / Paper 1719069

1719069PublishedVol 9 · Issue 12

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन की चुनौतियाँ और संभावनाएँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

सुदीपा चौधरी डॉ. विधि संभरकर डॉ. सुधीर कुमार जैन

Subject area: Arts, Social Sciences and Humanities  ·  Area of research: LAW FIELD

DOI: https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719069

Abstract

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धियों में से एक है। यह स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय, वित्त, प्रशासन तथा सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अपना प्रभाव स्थापित कर रही है। भारत में भी AI आधारित प्रणालियों का उपयोग निरंतर बढ़ रहा है, किंतु इसके साथ अनेक विधिक, नैतिक तथा नियामक चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। AI आधारित निर्णयों में पारदर्शिता की कमी, डेटा गोपनीयता, एल्गोरिद्मिक पक्षपात (Algorithmic Bias), दायित्व निर्धारण तथा साइबर सुरक्षा जैसे प्रश्न वर्तमान विधिक ढाँचे के समक्ष गंभीर चुनौती प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन से संबंधित प्रमुख चुनौतियों एवं संभावनाओं का विश्लेषण करना है। अध्ययन गुणात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति पर आधारित है तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 तथा अंतरराष्ट्रीय नियामक मॉडलों का तुलनात्मक अध्ययन करता है। निष्कर्षतः यह पाया गया है कि भारत में उत्तरदायी (Responsible AI) और मानव-केंद्रित (Human-Centric AI) नियामक ढाँचे की आवश्यकता है।

Keywords

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI विनियमन, डिजिटल शासन, एल्गोरिद्मिक उत्तरदायित्व, डेटा गोपनीयता, साइबर कानून, AI नैतिकता।

How to cite this paper

सुदीपा चौधरी, डॉ. विधि संभरकर, डॉ. सुधीर कुमार जैन "भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन की चुनौतियाँ और संभावनाएँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन" Iconic Research And Engineering Journals Volume 9 Issue 12 2026 Page 2139-2146 https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719069
सुदीपा चौधरी, डॉ. विधि संभरकर, डॉ. सुधीर कुमार जैन "भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन की चुनौतियाँ और संभावनाएँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन" Iconic Research And Engineering Journals, vol. 9, no. 12, Jun. 2026, doi: https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719069
सुदीपा चौधरी, डॉ. विधि संभरकर, डॉ. सुधीर कुमार जैन (2026). भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन की चुनौतियाँ और संभावनाएँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन. Iconic Research And Engineering Journals, 9(12). doi: https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719069
सुदीपा चौधरी, डॉ. विधि संभरकर, डॉ. सुधीर कुमार जैन "भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन की चुनौतियाँ और संभावनाएँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन" Iconic Research And Engineering Journals, vol. 9, no. 12, Jun. 2026. Crossref, https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719069
@article{1719069,
      author = {सुदीपा चौधरी, डॉ. विधि संभरकर, डॉ. सुधीर कुमार जैन},
      title = {भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन की चुनौतियाँ और संभावनाएँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन},
      journal = {Iconic Research And Engineering Journals},
      year = {2026},
      volume = {9},
      number = {12},
      pages = {2139-2146},
      issn = {2456-8880},
      url = {https://www.irejournals.com/formatedpaper/1719069.pdf},
      abstract = {कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धियों में से एक है। यह स्वास्थ्य, शिक्षा, न्याय, वित्त, प्रशासन तथा सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से अपना प्रभाव स्थापित कर रही है। भारत में भी AI आधारित प्रणालियों का उपयोग निरंतर बढ़ रहा है, किंतु इसके साथ अनेक विधिक, नैतिक तथा नियामक चुनौतियाँ भी उत्पन्न हुई हैं। AI आधारित निर्णयों में पारदर्शिता की कमी, डेटा गोपनीयता, एल्गोरिद्मिक पक्षपात (Algorithmic Bias), दायित्व निर्धारण तथा साइबर सुरक्षा जैसे प्रश्न वर्तमान विधिक ढाँचे के समक्ष गंभीर चुनौती प्रस्तुत करते हैं। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विनियमन से संबंधित प्रमुख चुनौतियों एवं संभावनाओं का विश्लेषण करना है। अध्ययन गुणात्मक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति पर आधारित है तथा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 तथा अंतरराष्ट्रीय नियामक मॉडलों का तुलनात्मक अध्ययन करता है। निष्कर्षतः यह पाया गया है कि भारत में उत्तरदायी (Responsible AI) और मानव-केंद्रित (Human-Centric AI) नियामक ढाँचे की आवश्यकता है।},
      keywords = {कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI विनियमन, डिजिटल शासन, एल्गोरिद्मिक उत्तरदायित्व, डेटा गोपनीयता, साइबर कानून, AI नैतिकता।},
      month = {June},
      doi = {https://doi.org/10.64388/IREV9I12-1719069}
  }