आधुनिक डिजिटल युग में सोशल मीडिया विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशलों के विकास का प्रमुख माध्यम बन गया है। यह शोध पत्र इस प्रभाव के सकारात्मक व नकारात्मक दोनों आयामों का विश्लेषण करता है, विशेषकर स्कूल शिक्षा के संदर्भ में। NCERT अध्ययन के अनुसार, 71.7% विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल पर सकारात्मक प्रभाव पाया गया। आधुनिक डिजिटल युग में सोशल मीडिया विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है। व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टिकटॉक और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि संप्रेषण कौशलों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संप्रेषण कौशल में सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना सम्मिलित हैं, जो शिक्षा शास्त्र के मूलभूत तत्व हैं। NCERT के एक शोध के अनुसार, 71.7% विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल पर सोशल मीडिया का सकारात्मक प्रभाव पाया गया है, जबकि 12.5% में नकारात्मक असर दर्ज किया गया।
IRE Journals:
Yogita Gour "विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल पर सोशल मीडिया का प्रभाव सारांश" Iconic Research And Engineering Journals Volume 9 Issue 8 2026 Page 2176-2179 https://doi.org/10.64388/IREV9I8-1714691
IEEE:
Yogita Gour
"विद्यार्थियों के संप्रेषण कौशल पर सोशल मीडिया का प्रभाव सारांश" Iconic Research And Engineering Journals, 9(8) https://doi.org/10.64388/IREV9I8-1714691